जिओ कैप्शूल: 5 मिनट में पढ़ें 22 जनवरी की सभी बड़ी खबरें

'दलित' शब्द के इस्तेमाल पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने लगाई रोक


मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 'दलित' शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। दरअसल, डॉ. मोहन लाल माहौर ने दलित शब्द पर आपत्ति जताते हुए हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि संविधान में इस शब्द का कोई उल्लेख नहीं है। इस वर्ग से जुड़े लोगों को अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के रूप में ही संबोधित किया गया है। ऐसे में सरकारी दस्तावेजों और दूसरी जगहों पर दलित शब्द का इस्तेमाल संविधान के विपरीत किया जा रहा है। न्यूज 18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया कि दलित शब्द का इस्तेमाल किसी भी सरकारी और गैर सरकारी विभागों में नहीं किया जाए। उसके लिए संविधान में बताए शब्द ही इस्तेमाल में लाए जाएं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पाराशर ने बताया कि यह आदेश पूरे मध्य प्रदेश में लागू होगा।
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दिल्ली: अयोग्य ठहराए गए आप विधायकों ने हाई कोर्ट से वापस ली याचिका


आम आदमी पार्टी के अयोग्‍य घोषित विधायकों ने दिल्‍ली हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली। कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने से पहले ही आप के छह विधायकों ने अपनी अर्जी वापस ले ली। अब विधायक इस मामले में दोबारा कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से कोर्ट को बताया कि जब विधायकों ने कोर्ट में अर्जी लगाई उस समय चुनाव आयोग राष्‍ट्रपति के पास विधायकों को अयोग्य करार करने की सिफारिश भेज चुका था। रविवार को राष्‍ट्रपति ने इसे मंजूरी दे दी। इसके बाद कोर्ट अर्जी को खारिज करने लगा तब विधायकों ने अपनी अर्जी वापस ले ली। बता दें कि लाभ के पद पर होने के कारण आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को चुनाव आयोग ने अयोग्‍य घोषित कर दिया था। इस फैसले पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मुहर लगा दी है। इससे आप के 20 विधायकों की सदस्‍यता रद्द हो गई है।
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जज लोया से जुड़े सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में होंगे ट्रांसफर


सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की रहस्यमय मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जज लोया का केस बहुत अहम है। इस केस को पूरी निष्पक्षता के साथ देखा जाएगा। बेंच ने आदेश दिया कि किसी भी हाईकोर्ट में अब जज लोया से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं होगी। बेंच ने जज लोया केस से संबंधित दो याचिकाओं को बॉम्बे हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। इस केस की अगली सुनवाई के लिए 2 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है। कोर्ट ने दोनों पक्षकारों से कहा है कि वे अपने दस्तावेज सीलबंद कर कोर्ट को सौंपे। इसके साथ ही बेंच ने कहा कि अगली सुनवाई में जज लोया की मौत से संबंधित सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा।
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पद्मावत विवाद में 16 हजार महिलाओं ने पीएम और राष्ट्रपति से मांगी जौहर की इजाजत


फिल्म 'पद्मावत' पर देश भर में बैन लगाने की मांग को लेकर 16,000 महिलाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर जौहर (इच्छामृत्यु) की इजाजत मांगी है। राजस्थान की ये महिलाएं राजपूत के अलावा दूसरे समाज से भी ताल्लुक रखती हैं। इससे पहले पद्मावत के विरोध में राजपूत महिलाओं ने 24 जनवरी को चित्तौड़गढ़ किले में सामूहिक 'जौहर' की चेतावनी दी थी। श्रीराजपूत करणी सेना के प्रमुख महिपाल मकराना ने कहा था कि राजपूत समाज की 1826 महिलाएं 24 जनवरी को चित्तौड़गढ़ में जौहर करेंगी। हालांकि अब इस फिल्म के विरोध राजपूतों के साथ सर्व समाज की महिलाएं भी शामिल हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर, फिल्म पद्मावत पर बैन लगाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दोनों राज्य सरकारों ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपने पिछले आदेश पर पुनर्विचार की गुजारिश की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
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हार्दिक का पीएम पर हमला, बोले- चायवाला ही दे सकता 'पकौड़े बेचने' का सुझाव


पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर तंज कसा है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी चैनल को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अगर कोई पकौड़े वाला दिन में दो सौ रुपये कमाता है तो क्या ये रोजगार नहीं है। पटेल ने ट्वीट किया है कि कोई चाय बेचने वाला ही बेरोजगारों को ऐसी सलाह दे सकता है। पटेल ने लिखा है 'बेरोजगार युवा को पकौड़े का ठेला लगाने का सुझाव एक चायवाला ही दे सकता है, अर्थशास्त्री ऐसा सुझाव नहीं देता!'
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'भारत के बिन लादेन' अब्दुल कुरैशी को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार


देशभर में कई सीरियल ब्लास्ट में शामिल अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को दिल्ली पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। करीब 15 साल से फरार चल रहे तौकीर को 'भारत का बिन लादेन' भी कहा जाता है। तौकीर लंबे समय से फरार था और देश में हुए कई आतंकी हमले में देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को उसकी तलाश थी। दिल्ली पुलिस ने उसे दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर से गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी परसो यानी शनिवार को हुई। वह एक कार से दिल्ली आ रहा था। फिलहाल उसे 14 दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। कुरैशी का नाम 2008 में गुजरात में हुए सीरियल बम विस्फोट के मास्टर माइंड के तौर पर वांछितों की सूचियों शामिल था। कुरैशी की तलाश उस वक्त शुरू हुई जब 26 जुलाई 2008 को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में 21 बम विस्फोट हुए थे।
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