जिओ कैप्शूल: 5 मिनट में पढ़ें 4 अक्टूबर की सभी बड़ी खबरें...
पीएम मोदी ने आर्थिक आलोचकों को दिया करारा जवाब
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कंपनी सेक्रेटरी के एक कार्यक्रम में अर्थव्यवस्था से
लेकर डोकलाम के मुद्दे तक सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। पीएम मोदी ने कहा,
आप देश में ईमानदारी को
बढ़ावा देते हैं। देश में संस्थागत ईमानदारी को बढ़ावा देने में आईसीएसआई का अहम
योगदान है। मोदी ने कहा, 8
नवंबर को नोटबंदी के बाद कैश टू जीडीपी रेशियो घटकर 9 फीसदी पर आ गया है। इससे पहले यह आंकड़ा 12 फीसदी था। मोदी ने कहा, 8 नवंबर को ईमानदारी के पर्व के तौर
पर मनाया जाता है। मोदी ने कहा, क्या
पहली बार जीडीपी में गिरावट आई है। पुरानी बातों को भूलना नहीं चाहिए। देश की
अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 0.2
फीसदी थी, लेकिन यह
किसी को याद नहीं है। पिछली सरकार के 2 साल का आंकड़ा इसलिए लिया गया है क्योंकि जीडीपी तय करने का
तरीका 5 साल पहले बदला
गया था।
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MP: हक मांग रहे किसानों के पुलिस ने उतरवाए कपड़े
मध्यप्रदेश
के टीकमगढ़ से आ रही खबर को मानें तो वहां मंगलवार शाम पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे
किसानों को सार्वजनिक रूप से कपड़े उतार कर पीटा। राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र
सिंह ने पुलिस चीफ को जांच के आदेश दिए हैं। खबरों की मानें तो सूखा प्रभावित
टीकमगढ़ में कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक प्रदर्शन का आयोजन किया था।
कांग्रेस नेता यादवेंद्र सिंह के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शन खत्म होने के बाद वापस
जा रहे किसानों से पहले पूछताछ की फिर उनके कपड़े उतार कर पीटा। बताया जा रहा है
कि इनमें से कई किसान प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे, वहां से गुजर रहे थे। जिले के डीएम अभिजीत
अग्रवाल और राज्य गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस थाने में किसानों के पीटे जाने
से इंकार किया है। भूपेंद्र के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन खबरों
को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
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नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला, ढाई लोग चला रहे सरकार: अरुण शौरी
पूर्व
बीजेपी मंत्री अरुण शौरी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है।
शौरी ने एनडीटीवी से बातचीत में नोटबंदी को अब तक का सबसे बड़ा मनी लॉड्रिंग
घोटाला बताया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र सरकार को ढाई लोग चला रहे
हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण आज अर्थव्यवस्था में सुस्ती देखी जा रही है।
शौरी ने जीएसटी को भी सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह एक अहम आर्थिक
सुधार है लेकिन इसका क्रियान्वयन बहुत खराब तरीके से किया गया। तीन महीने के भीतर
सात बार नियम बदले गए। उन्होंने एक सामान्य कर सुधार व्यवस्था जीएसटी की तुलना
भारत की आजादी से करने पर भी आश्चर्य जताया।
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सिद्धू ने किसानों को अपनी जेब से दिए 15 लाख रुपये
नवजोत
सिंह सिद्धू ने राजासांसी के फसल जल जाने से परेशान किसानों को अपनी जेब से 15 लाख रुपये की सहायता दी है। इन
किसानों की 202 एकड़
क्षेत्र में लगी फसल अप्रैल में शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने से जल गई थी। उस समय
सिद्धू ने घोषणा की थी कि किसानों को जितनी राशि सरकार देगी उतनी ही वह अपनी जेब
से देंगे। चेक सौंपते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति वह अपनी जिम्मेदारी
समझ कर यह राशि दे रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे नुकसान उठाने वाले किसानों
को राहत मिलेगी। बता दें कि राजासांसी क्षेत्र में अप्रैल माह में शॉर्ट सर्किट से
फसलों में आग लग गई थी। इससे 202
एकड़ क्षेत्र में लगी फसल जल गई थी|
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RBI ने भी घटाई अनुमानित वृद्धि दर
रिजर्व
बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसीसी) ने उम्मीद के मुताबिक नीतिगत
दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया। इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने जीडीपी ग्रोथ की अनुमानित
दर में 0.6 प्रतिशत की
कटौती कर दी। रिजर्व बैंक के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में देश की जीडीपी 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।
चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो दर के साथ-साथ
रिवर्स रेपो दर को 5.75
प्रतिशत पर बरकरार रखा है। रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक, बैंकों से नकदी उठाता है। आरबीआई के
मुताबिक किसानों की ऋण माफी से ग्रोथ रेट पर असर पड़ेगा|
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इलाहाबाद हाईकोर्ट: मदरसों में गाना पड़ेगा जन गण मन
राष्ट्रगान
को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक नया आदेश दिया है। बुधवार को कोर्ट ने कहा कि
मदरसों में राष्ट्रगान गाया जाना अनिवार्य है। हमें अपने राष्ट्रगान और राष्ट्रीय
ध्वज का सम्मान करना चाहिए। कोर्ट ने यह आदेश मदरसों में राष्ट्रगान गाने के योगी
सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुनाया है। हाईकोर्ट
के अनुसार राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज का सम्मान सभी का संवैधानिक कर्त्तव्य है।
लिहाजा जाति, धर्म और भाषा के आधार पर
इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता है। अलाउल मुस्तफा ने मदरसों में
राष्ट्रगान गाने से छूट की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। इसमें 6 सितंबर 2017 के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई
थी।
