जिओ कैप्शूल: 5 मिनट में पढ़ें 6 दिसंबर की सभी बड़ी खबरें
कार मालिकों को एलपीजी पर नहीं मिलेगी सब्सिडी?
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दिल्ली: लागू होगा ऑड-ईवन, केवल सीएनजी वाहनों को होगी छूट
एयर क्वालिटी का स्तर राजधानी दिल्ली में लगातार खराब बना हुआ है। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर ऑड-ईवन लागू करने की तैयारी कर ली है, हालांकि इस बार यह एनजीटी के आदेशानुसार लागू होगा। इस बार पहले की तरह महिलाओं और दो-पहिया वाहनों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से स्मॉग और बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक ऐक्शन प्लान सौंपने का आदेश दिया था। बुधवार को केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण से निपटने का अपना एक्शन प्लान एनजीटी को दिया। इस प्लान में दिल्ली सरकार ने कूड़ा जलाने पर पाबंदी और प्रदूषण पैदा करने वाले उद्योगों को बंद करने की बात कही है। इसके साथ ही सरकार ने दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर भी रोक लगाने की बात कही है।______________
जांच एजेंसियों से बचने के लिए बिटकॉइन में डील करता है दाऊद
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त्रिपुरा: 200 रुपये के लिए पिता ने दुधमुंही बच्ची को बेचा
त्रिपुरा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। एक शख्स ने यहां पर अपनी 8 महीने की बेटी को पैसों की खातिर बेच दिया। मामला तेलियामुरा के महारानीपुर इलाके की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आदिवासी समाज के एक व्यक्ति ने मात्र 200 रुपए के लिए अपनी बच्ची को बेच दिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपनी गरीबी के चलते ऐसा कठोर कदम उठाया। बच्ची की उम्र 8 महीना बताई जा रही है। आरोपी पिता से जब इसका कारण पूछा गया तो उसने बताया कि गरीबी के चलते वह ऐसा कदम उठाने के मजबूर हुआ। हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी देश के कई इलाकों से इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। कुछ दिनों पहले ही त्रिपुरा में ही एक आदिवासी महिला ने 200 रुपए में ही एक अॉटो ड्राइवर को अपनी बच्ची को बेच दिया था।______________
अमेरिका में भारतीयों के साथ ज्यादा बुरा बर्ताव: सर्वे
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों का कहना है कि अमेरिका में उनको रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ता है। एक सर्वे में यह बात सामने आई है। फर्स्टपोस्ट हिंदी के मुताबिक नेशनल पब्लिक रेडियो, रॉबर्ट वूड जॉनसन फाउंडेशन और हारवर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की ओर से यह सर्वेक्षण कराया गया है। 'डिसक्रिमिनेशन इन अमेरिका' शीर्षक वाली यह सर्वे रिपोर्ट इस सप्ताह जारी की गई। सर्वे के अनुसार भारतीय मूल के हर 10 नागरिकों में से एक ने कहा कि उनको या परिवार के किसी सदस्य को पुलिस ने इस आधार पर अनुचित ढंग से रोका या व्यवहार किया क्योंकि वे एशियाई हैं। सर्वे में शामिल भारतीय मूल के लोगों के साथ पुलिस के अनुचित ढंग से रोके जाने या व्यवहार की घटनाएं चीनी मूल के लोगों के मुकाबले आठ गुना ज्यादा हुईं। भारतीय मूल के 17 फीसदी लोगों के साथ इस तरह के व्यवहार की घटनाएं पेश आईं, जबकि मूल रूप से चीन से संबंध रखने वालों में से सिर्फ दो फीसदी लोगों ने ऐसी शिकायत की।______________
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भूकंप के झटके
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